Monday, March 27, 2006

छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें (तीसरा दिन)

छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें ?

तीसरा दिन
(क्रमशः)

हिन्दी - छत्तीसगढ़ी

वर्तमान काल के कुछ वाक्यः

क्या तुम छत्तीसगढ़ी जानते हो – का तैं छत्तीसगढ़ी जानथस (समझथस )
मैं रायपुर में रहता हूँ - मैं हा रायपुर मा रहिथौं
नहीं, मैं गाँव में रहता हूँ - नइ ,मैं हा गाँव मा रहिथौं
तुम्हारा क्या नाम है - तोर का नाँव हे /आय
मेरा नाम दादू है - मोर नाँव दादू हे
आपके पिताजी का क्या नाम है - तुँहर ददा (सियान) के का नाँव है (हे)
तुम्हारी माँ का क्या नाम है - तोर दाई (महतारी) के का नाँव है
मैं बाज़ार जाती हूँ - मैं हा बजार (हाट) जाथौं,
मेरे पिताजी किसान हैं - मोर ददा किसान है
तुम मंत्री जी को पत्र लिखते हो - तैं मंत्री जी ला चिट्ठी लिखथस
क्या तुम ने खा लिया - का तैं खा डारे
अभी मुझ को जाना है - अभी मोला जाए बर है
तुम सुबह से क्या कर रहे हो – तैं बिहिनया ले का करत हस
मैं किताब पढ़ रहा हूँ - मैं किताब पढ़त हंव
हम आफ़िस जा रहे हैं - हमन आफ़िस जात हन
बच्चे पार्क जा रहे हैं - लइकामन बगीचा जात हैं
औरतें सब्जी खरीद रही हैं - माई लोगन मन साग बिसावत है (लेवत हैं)


भूतकालः-


मैंने नहीं, मेरे भाई ने लिखा - मैं नइ, मोर भाई लिखे है
मैंने नहीं किया - मैं नइ करें हंव
हम बाजार गए थे - हमन बजार गै रहेन
मेरी बहन गा रही थी - मोर बहिनी गावत रहिस
वह अखबार पढ़ रहा था - ओहा अखबार पढ़त रहिस
मैं आँफ़िस नहीं गया था - मैं आफ़िस नइ गै (या गय) रहें
वे बाजार गए थे - ओमन बजार गै रहिन
बच्चे मेला देखने गए थे - लइकामन मेला देखन गे रहिन
मैं दो साल रायपुर मैं था - मैं दू बछर रायपु म रहें
वह वहाँ गई थी - ओ उहाँ गै रहिस
दुकान बंद है - दुकान बंद है
मैंने कल केला खरीदा था - मैं काली केरा बिसाए रहें
मेरा काम ख़त्म हो गया था - मोर काम सिरा (खतम) गै रहिस
वे खा चुके थे - ओमन खा डारे रहिन
वह फ़िल्म देखने गया था - ओ फ़िलिम देखे बर गै रहिस

भविष्यकालः-

हाँ, मैं आऊँगा - हौ, मैं आहौं
मैं घर पर प्रतीक्षा करूँगा - मैं घर मा अगोरिहौं
राम रायपुर जाएगा - राम रायपुर जाही
मैं कल बिलासपुर पहुँचूंगा - मैं काली बिलासपुर हबरिहौं
वह पहुँच गई होगी - ओहा हबर गै होही
कल परीक्षा दूँगा - काली परीछ्छा देहौं
हम सो रहे होंगे - हमन सुतत रहे होबो
आँफ़िस जाने की तैयारी कर रहा होगा -आफ़िस जाए बर तियार होत होही
तुम बाजार जाओगे - तैं बजार जाबे
कल स्कूल की छुट्टी रहेगी - काली स्कूल के छुट्टी रइही
कल मुख्यमंत्री का प्रोग्राम है - काली मुख्यमंत्री के पोरोगराम हावे
शाम को मीटिंग होगी - संझा बइठका होही
10बजे सब इकट्ठा होंगे -10 बजे सब्बो झन जुरियाहीं

आज्ञा और प्रार्थना के वाक्यः-

सामने देखो - आगू देखौ
आगे बढ़ो - आगू बढ़ौ
गाड़ी धीरे चलाओ - गाड़ी धीरे चलावव
अपना काम करो - अपन बूता करौ
वापस आओ - लहुँटौ
अपना ख्याल रखो - अपन फिकर करौ
सुनिए तो - सुनौ तो
जल्दी आना - झटकुन आबे
तैयार रहना – तियार रहिबे
सोच समझ को बोल - देख –सुन के बोल / सोंच बिचार के बोल
एक तरफ़ हो जाओ - एके डाहर (कोती या अंग)हो जाबौ
बाएँ चलो - डेरी रेंगौ
मज़ाक मत करो - ठट्ठा झन करौं
जाने दो - जान दव
आने दो -आन दव
बैठ जाओ – बइठ जावौ
ज़रा रुक - थोकन रुक (ठहर या र )
सबको बिठाओ - सबो ल बइठावौ
आपकी मर्जी - तुँहर मन
मेरी सहायता करें - मोर मदद करौ
जैसी आपकी मर्जी - जइसन तुँहर मन (मरजी)
ज़रा फिर कोशिश करो - थोरकन फेर जोर लगावौ
उत्तर दीजिए - जवाब देवौ
बैठिए - बइठौ
आइए - आवौ
पागल मत बनो - बइहा झिन बनौ (झन बइहावौ)
मेरे पीछे आओ - मोर पाछू आवौ
जगह खाली करो , जगह दो - ठौर दौ, घुँच जावौ
अपने काम सेकाम रखो - अपन काम ले काम रखौ
यह पैकेट कूरियर से भेज दो - ए पाकिट ला कुरियर मा पठो दौ
इसे फ़ैक्स कर दो - ए ला फेक्स कर दौ
बाज़ार से गोभी लाना - बजार ले गोभी लानबे
समय पर आया - टेम म आयें
साहब को सूचना दो - साहब ला खबर करादौ
खा-पी के आना - ले खा- पी के आवे
चाय ले आओ - चहा लानौ
ज़रा हाथ लगाना - थोरकन हाथ लगा

प्रश्नवाचक वाक्यः (हाँ नाँ उत्तरापेक्षी-‘क्या’)

क्या तुम अँग्रेजी बोल सकते हो ? – का तैं अँग्रेजी गोठिया लेथस
क्या वह झूठ बोलती है ? – का ओ लबारी मारथे
क्या आप सच सच बोल रहे हैं ? – का तूँ (तुमन) सच गोठियात हौ
क्या हम जाएँ ? - का हमन जान (जायीं)
क्या आप बाजार जाएँगे ? – तुमन बजार जाहौ का
क्या तुम जानते पहचानते हो ? – तुमन चिनथौ का
क्या आप नाराज है ? – तुमन नराज हौ का / रिसाए हौ का
क्या आपको घर जाना है ? – तुमन ला घर जाए बर है का
क्या टमाटर ताजे हैं ? – टमाटर ताजा है का
क्या दूध वाला आ गया ? – पहटिया आ गै का
क्या वह आपको जानती है ? – वो तुमन ला जानथै का
क्या उसे बुलाऊँ ? – का ओला बलावंव
क्या आप कृपा करेंगे ? – का तूँ तुमन किरपा करिहौ
क्या मैं सरपंच सेमिल सकता हूँ ? – मैं सरपंच मेर मिल सकथौं का
क्या आज रविवार है ? – आज इतवार ए का

प्रश्नवाचक क्या, कौन, कैसे, कहाँ, कबः


आपक का नाम क्या है ? - तुँहर नाँव का है ?
तुम क्या चाहते हौ ? - तोला का होना ? / तैं का चाहथस ? / तो ला का चाही ?
तुम क्या कहना चाहते हो ? - तैं का कहना चाहत हस ?
रायपुर में क्या करती है ? - ओ हा रापुर मा का करथै ?
तुम कौन हो ? - तैं कउन हैं
बाजार कौन जाएगा ? - बजार कउन जाही ?
किससे मिलना है ? – कउन ला / काकर ले मिलना है ?
इस मकान का मालिक कौन है ? - ए मकान के गोसँइया कउन ए / है ?
वह आफिस कैसे जाता है ? - ओ आफिस का मा जाथै ?
क्या गाँ व में सड़क है ? - का गाँव मा (सड़क) डहर / रद्दा है ?
तुम कैसे लौटे ? - तैं कइसे बहुरे (लहुँटे) ?
आपके पुत्र की उम्र क्या है ? - तोर बाबू के का उमर है ?
यहाँ से गाँव कितनी दूर है ? - इहाँ ले गाँव कतका दुरिहा है ?
क्या नहर मैं पानी है ? - का नहर मा पानी है ?
फसल कैसी है ? - फसल कइसे है ?
आप हमारे यहाँ कब आ रहे हैं ? - तुमन हमर घर कब आवत हौ?
तुम कहीँ पढ़ते हो ? - तैं कहाँ पढ़थस ?
तुम कहाँ काम करते हो ? - तैं कहाँ काम करथस ?
तुम यहाँ क्यों बैठे हो ? - तैं इहाँ काबर बइठे हस ?
तुम कहाँ खेलते हो ? - तैं कहाँ खेलथस?
आप कब पूजा करते हैं ? – तुमन कब पूजा करथौ ?
क्या आप मेरी प्रतीक्षा करेंगे ? - तुमन मोला अगोरिहौ का ?
सब को बुलाओ ? - सब झन ला बलावौ ?
क्या आपने मुझे बुलाया ? - का तुमन मोला बलायौ ?
आपको मुझसे काम है ? - मोर करा कुछ काम है का तुमन ला ?
कौन आ रहा है ? - कउन आवत है ?
तुम्हारा नंबर क्या है ? - तोर नंबर का है ?
मुझ पर कोई विश्वास क्यों नहीं करता ? - मोला कउने काबर नइ पतियावै ?
तुम मेरी बात क्यों नहीं सुनते ? - तैं मोर बात ला काबर नइ सुनस ?
कल से देरी नही होगी - काली ले देरी नइ होवै
आज आँफिस बंद नहीं है - आज आफिस बंद नइ ए
आज गर्मी नहीं है - आज गरमी नइ ए
हम बचपन को कभी नहीं भूलते - हमन बचपन ला कभू रइ भूलान
कल रविवार होगा न - काली इतवार होही ना
तुम अँग्रेजी बोल सकते हो न ? - तैं अँग्रेजी गोठिया लेथस ना ?
कितना अच्छा मौसम है न ? - कतेक सुग्घर मौसम है ना ?
अपने को होशियार समझते हौ - अपन ला चतुर समझथस


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काली फेर मुलाकात होही (कल फिर मुलाकात होगी )

हाँ जाते- जाते एक गाना सुनते जाइए (जात-जात एक गाना सुनत जावव)
यह करमा गीत है (येह करमा गीत आय)

करमसेनी के आवती, जानी सुनी पार्वती
अहो राम घासी घर, लिहे अवतार
अहो चौक चंदन पिढ़ली मढ़ाये
मिलवा के डार टूटगे, अहो सखी
कहाँ जगावो मिलवा डार । अहो राम......
झक-झक कर झक झुम्मर, अहो सखि
अंगना जगाबो मिलवा डार । अहो राम...

हिन्दी अनुवाद-

करमसेनी का आना मालूम हुआ । पार्वती ने घसिये के घर अवतार लिया । चौक पूरा गया, पीढ़ा रखा गया और चंदन आदि लगाये गये । मिलवा की डाल टूट गई । अरी सखी डाल चमक रही है, झूम रही है । अरी सखी मिलवा की डाल कहाँ उगाएँगे ? सखी आँगन में डगाल को स्थापित करेंगे । (छत्तीसगढ़ में करमसेनी को ग्राम देवी या लोक देवी माना गया है )

राम-राम कल मिलेंगे (राम-राम कल फिर मिलेंगे)


3 Comments:

At 4:35 AM, Blogger vicky said...

jayprakash bhai...internet ma chhattisgarhi dekh ke bahut bane lagis...tohar kaam lajawab he...mor le unicode font jame nahi..tabhe roman me likht hon....baki haal-chaal bane-bane...ab to roje tor blog la dekh-hun

 
At 10:14 AM, Blogger Hitendra said...

बहुत बने काम करत हस भाई
बने आए
लगे रहा।

 
At 10:14 AM, Blogger Hitendra said...

बहुत बने काम करत हस भाई
बने आए
लगे रहा।

 

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