tag:blogger.com,1999:blog-23831681.post-1142641064084624342006-03-17T16:07:00.000-08:002006-03-17T16:17:45.933-08:00छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें (पहला दिन)<div align="justify"><span style="font-size:130%;color:#ff6600;"><strong>छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें ?</strong></span></div><div align="justify"><strong><span style="font-size:130%;"></span></strong><br /><span style="color:#3333ff;">छत्तीसगढ़ी बड़ी ही सरल भाषा है । जो हिन्दी बोलना जानता है उसे छत्तीसगढ़ी बोलने, सीखने और लिखने में कोई समस्या नहीं होती है । यदि आपने ठान लिया है कि आप पूर्वी हिन्दी की प्रमुख भाषा ‘छत्तीसगढ़ी’ में रचा-पची संस्कृति, साहित्यिक वैभव को जानना चाहते हैं तो हम आपका स्वागत करते हैं । प्रतिदिन मात्र एक घंटा समय देकर आप यह भाषा बोलने, समझने एवं पढने तथा लिखने में पारंगत हो सकते हैं । हम प्रतिदिन एक पाठ पढ़ा करेंगे । देखते ही देखते 15-20 दिन में आप हमसे भी अधिक अच्छा छत्तीसगढ़ी बोलना सीख जायेंगे । यह हमारा विश्वास ही है । शुभस्य शीघ्रम् । क्यों न आज जी से हम शुरू कर दें । </span></div><div align="justify"><br /><span style="color:#3333ff;"> आज हम छत्तीसगढ़ी के महत्वपूर्ण शब्दों से परिचित होते हैं । तो चलिए नाः-</span></div><div align="justify"><br /><span style="color:#3333ff;"> <strong><span style="font-size:130%;"> <span style="color:#009900;"> पहला दिन</span></span></strong></span></div><span style="font-size:130%;"><div align="left"><br /></span><strong><span style="color:#3333ff;"><span style="color:#ff6600;">हिन्दी </span> </span><span style="color:#ff6600;"> छत्तीसगढ़ी</span></strong></div><strong></strong><div align="left"><br /><span style="color:#3333ff;">पिता – दादा, सियान, बाबू<br />माँ - दाई, महतारी, माँ<br />दादा - बबा<br />नाना - बबा ,नाना ,ममा ददा<br />दादी – बूढ़ीदाई, दादी<br />नानी – कका<br />चाची - काकी<br />ताऊ - बड़ा ददा<br />मित्रता के आधार पर – फूल ददा, मितनहा ददा,<br /> महापरसाद<br />ताई – बड़े दाई, फूल दाई, मितनहा<br />एक ही नाम होने पर - सहिना ददा, सहिना दाई<br />मित्र – सहिनाव, संगी<br />पुत्र - बाबू, बड़े बाबू (लइका)<br />प्रथम पुत्र - पहिलावत लइका<br />पुत्री - नोनी, बड़े छोकरी, बड़े नोनी<br />जेठ – कुरा ससुर, डेर ससुर<br />देवर - देवर<br />बड़ा साला - डेर सारा<br />बड़ी साली – डेर सारी<br />बुआ - फूफू<br />बूआ का पति - फूफा<br /></span><span style="color:#ff6600;"><br /></span><strong><span style="color:#ff6600;">अभिवादन :<br /></span></strong><span style="color:#3333ff;"><br />(उम्र में बड़े रिश्तेदार या अन्य) प्रणाम, नमस्कार – पाँव परत हौं, पा लागी<br />(बराबरी मित्र) नमस्ते, नमस्कार – राम –राम जोहार<br />(आशीर्वाद )खुश रहो, आयुष्मान, जीते रहो – खुसी रहौ, जियत रहौ ,अम्मर रहौ ।<br />प्रणाम पापा, - बाबूजी-पाँव परत हौं ददा, बाबू<br />प्रणाम ददा जी - पा लागी ददा<br />प्रणाम ताऊ जी – पा लागी बड़ ददा<br />प्रणाम माँ (पुरुष द्वारा) - पा लागी दाई, (माँ)<br />प्रणाम माँ (स्त्री द्वारा) – पाँव परत हौं दाई<br />प्रणाम (चाचा, मामा, नाना, अन्य संबंधी) - पा लागी कका, ममा, नना,फूफू आदि ।<br />प्रणाम माँ ,नानी,दादी,चाची, ताई, बुआ, मामी - पाँर परत हौं दाई, काकी,फूफू,मामी<br />प्रणाम चाचा जी (एक नाम वाले हों) – पा लागी सहिना कका ,ददा फूफा<br /> पाँ परत हौं सहिना दाई फूल दाई<br />प्रणाम नमस्कार मित्र (या नाम से संबोधन) – राम-राम मितान, राम-राम संगी<br /></span><span style="color:#3333ff;"><strong><br /><span style="color:#ff6600;">गैर- संबंधी बुजुर्ग :</span></strong><br /><br />प्रणाम (नमस्कार),चाचा जी,दादाजी, भाई साहब -पा लागी कका, ददा,बड़ेददा सियान, भाई<br />समकक्ष-नमस्कार – मित्र राम-राम मितान, संगी, संगवारी<br /><br />गुरु, पुजारी, ब्राह्मणः<br /><br />प्रणाम गुरुजी, सर - पा लागी गुरुजी<br />प्रणाम पंडित जी,महराज - पालागी महराज, पा लागी बाम्हन देंवता<br /></span><span style="color:#3333ff;"><strong><br /><span style="color:#ff6600;">अधिकारी / प्रतिष्ठित वर्ग या अन्य आदरणीय व्यक्तिः</span></strong><br /><br />साहब राम-राम – राम-राम साहेब<br />राम-राम बाबू जी – राम-राम बड़े बाबू<br />राम-राम साहब – राम-राम पंच, रसपंच<br />या नमस्ते,नमस्कार,साहब – राम-राम गुरुजी, राम – राम मितान, राम-राम जँवारा / संगी<br /></span><span style="color:#3333ff;"><strong><br />आशीर्वाद / आशीर्वचनः</strong><br /><br />खुस रहो / जीते रहो /जीती रहो / बेटा / बेदी - खुसी रह / जियत रह बेटा / बेदी<br />चिरंजीव रहो.- अम्मर रह<br />आयुष्मान-भव – मस्त रह<br />सौभाग्यवती भव- तोर चुरी अम्मर रहै<br />सदा सुहागन रहो – एँहवाती रह, तोर सदा देवारी रहै<br />सामान्य शिष्टाचारः<br /><br />आइए –बाबाजी, काका जी ,वैठिए – आवौ, आवौ गा, कका ,बबा, सब बने –बने हौ न<br />आसन ग्रहण करें- आवौ बइठो<br />कैसे हो –सब राजी-खुशी है न – कइसे हस गा, सब बने-बने हौ न<br />कैसे हैं ? हमारी याद आती है न<br />बहुत दिनों बाद दर्शन दिए, क्या बात है ? - कइसे हौ,हमर सुरता आथे न, अड़बड़ दिन मा आए हौ, का बात हे ?<br />याद नहीं आती क्या- सुरता नई आवय का<br />आते रहा करें- अइसने दया-मया राखौ, आए करौ<br />बड़ी कृपा की बडी किरपा करौ<br />लाओ पानी-वानी साहब के लिए- लान रे पानी-वनी साहेब बर<br />भोजन का समय हो गया, खा के जाइये- खाय के बेरा हो गै हे,खा-पी के जाहौ<br /></span><span style="color:#ff6600;"><br /><strong>आदरसूचकः</strong></span></div><strong></strong><div align="left"><br /><span style="color:#3333ff;">आप - तुमन, तूँ मन, तूँ<br />आप बताइए- तुमन या तूँ बतावौ<br />आप ने कहा- तुमन कहौ<br />तुम बैठ जाओ- तैं बइठ जा<br />तुम भाग जाओ- तैं भाग जा, तैं हट जा<br />आप कहें (स्त्री)- तुमन कहौ (ओ)<br />आप कहें (पुरूष)- तुमन कहौ जी, गा<br />आपका क्या नाम है- तुँहर का नाव आय<br />आप कहाँ रहते हैं- तुमन केती रहिथव<br /> तुमन कहाँ रहिथौ<br />मैं क्या मदद कर सकता हूँ- मैं तुँहर बर का करे सकत हौं<br />कृपया संकोच न करें- सकुचावौ झन<br />साफ़-साफ़ बता दें- फरी-फरी बता दौ<br />ठीक है मैं देखूँगा- ठीक हे, मैं देखिहंव<br />आप कल आइए- तुमन काली आवौ<br /><br />कल हम फिर मिलेंगे पर जाते-जाते मुझे एक पंक्ति याद आ रही है-<br /><br /></span><span style="color:#3333ff;"><span style="color:#cc9933;"><strong>राम धरे धनु, लछिमन धरे बान<br />सीता मइया के खोज में निकर गे हनुमान ।</strong><br /></span><br />अब इसका हिन्दी अनुवाद भी तो जानते जाइयेः-<br /><br />राम धनुष धारण किये हुए हैं । लक्ष्मण वाण धारण किये हुए हैं ।<br />सीता माता का पता लगाने हनुमान निकल पड़े हैं ।<br /><span style="color:#663300;"><br />राम-राम संगी मन ! काली फेर मिलबोन । (मित्रगण नमस्कार, कल फिर मिलेंगे)<br />हाँ, आज के पाठ में किसी प्रकार की कठिनाई है तो हमें जरूर बतायेंगे ।</span> </span></div><div align="left"> </div><div align="left"><span style="color:#ff6600;">प्रस्तुतिः जयप्रकाश मानस</span></div>छत्तीसगढ़http://www.blogger.com/profile/04319601357898309236noreply@blogger.com