tag:blogger.com,1999:blog-23831681.post-1143485409323056652006-03-27T10:43:00.000-08:002006-03-27T10:50:09.340-08:00छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें (तीसरा दिन)<strong><span style="font-size:130%;color:#ff6600;">छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें ?</span></strong><br /><br /><span style="color:#009900;"><strong>तीसरा दिन </strong></span><br /><span style="color:#009900;">(क्रमशः)</span><br /><br /><span style="color:#cc0000;">हिन्दी - छत्तीसगढ़ी</span><br /><span style="color:#cc0000;"></span><br /><span style="color:#ff6600;"><strong>वर्तमान काल के कुछ वाक्यः</strong></span><br /><br /><span style="color:#3333ff;">क्या तुम छत्तीसगढ़ी जानते हो – का तैं छत्तीसगढ़ी जानथस (समझथस )<br />मैं रायपुर में रहता हूँ - मैं हा रायपुर मा रहिथौं<br />नहीं, मैं गाँव में रहता हूँ - नइ ,मैं हा गाँव मा रहिथौं<br />तुम्हारा क्या नाम है - तोर का नाँव हे /आय <br />मेरा नाम दादू है - मोर नाँव दादू हे<br />आपके पिताजी का क्या नाम है - तुँहर ददा (सियान) के का नाँव है (हे)<br />तुम्हारी माँ का क्या नाम है - तोर दाई (महतारी) के का नाँव है<br />मैं बाज़ार जाती हूँ - मैं हा बजार (हाट) जाथौं,<br />मेरे पिताजी किसान हैं - मोर ददा किसान है<br />तुम मंत्री जी को पत्र लिखते हो - तैं मंत्री जी ला चिट्ठी लिखथस<br />क्या तुम ने खा लिया - का तैं खा डारे<br />अभी मुझ को जाना है - अभी मोला जाए बर है<br />तुम सुबह से क्या कर रहे हो – तैं बिहिनया ले का करत हस<br />मैं किताब पढ़ रहा हूँ - मैं किताब पढ़त हंव<br />हम आफ़िस जा रहे हैं - हमन आफ़िस जात हन<br />बच्चे पार्क जा रहे हैं - लइकामन बगीचा जात हैं<br />औरतें सब्जी खरीद रही हैं - माई लोगन मन साग बिसावत है (लेवत हैं) </span><br /><span style="color:#3333ff;"><br /><strong><span style="color:#ff6600;">भूतकालः-</span></strong> </span><br /><span style="color:#3333ff;"><br />मैंने नहीं, मेरे भाई ने लिखा - मैं नइ, मोर भाई लिखे है<br />मैंने नहीं किया - मैं नइ करें हंव<br />हम बाजार गए थे - हमन बजार गै रहेन<br />मेरी बहन गा रही थी - मोर बहिनी गावत रहिस<br />वह अखबार पढ़ रहा था - ओहा अखबार पढ़त रहिस<br />मैं आँफ़िस नहीं गया था - मैं आफ़िस नइ गै (या गय) रहें<br />वे बाजार गए थे - ओमन बजार गै रहिन<br />बच्चे मेला देखने गए थे - लइकामन मेला देखन गे रहिन<br />मैं दो साल रायपुर मैं था - मैं दू बछर रायपु म रहें<br />वह वहाँ गई थी - ओ उहाँ गै रहिस<br />दुकान बंद है - दुकान बंद है<br />मैंने कल केला खरीदा था - मैं काली केरा बिसाए रहें<br />मेरा काम ख़त्म हो गया था - मोर काम सिरा (खतम) गै रहिस<br />वे खा चुके थे - ओमन खा डारे रहिन <br />वह फ़िल्म देखने गया था - ओ फ़िलिम देखे बर गै रहिस<br /><br /><strong><span style="color:#ff6600;">भविष्यकालः-</span></strong><br /><br />हाँ, मैं आऊँगा - हौ, मैं आहौं<br />मैं घर पर प्रतीक्षा करूँगा - मैं घर मा अगोरिहौं<br />राम रायपुर जाएगा - राम रायपुर जाही <br />मैं कल बिलासपुर पहुँचूंगा - मैं काली बिलासपुर हबरिहौं <br />वह पहुँच गई होगी - ओहा हबर गै होही <br />कल परीक्षा दूँगा - काली परीछ्छा देहौं<br />हम सो रहे होंगे - हमन सुतत रहे होबो<br />आँफ़िस जाने की तैयारी कर रहा होगा -आफ़िस जाए बर तियार होत होही<br />तुम बाजार जाओगे - तैं बजार जाबे<br />कल स्कूल की छुट्टी रहेगी - काली स्कूल के छुट्टी रइही <br />कल मुख्यमंत्री का प्रोग्राम है - काली मुख्यमंत्री के पोरोगराम हावे <br />शाम को मीटिंग होगी - संझा बइठका होही<br />10बजे सब इकट्ठा होंगे -10 बजे सब्बो झन जुरियाहीं<br /><br /><strong><span style="color:#ff6600;">आज्ञा और प्रार्थना के वाक्यः-</span></strong><br /><br />सामने देखो - आगू देखौ<br />आगे बढ़ो - आगू बढ़ौ<br />गाड़ी धीरे चलाओ - गाड़ी धीरे चलावव<br />अपना काम करो - अपन बूता करौ<br />वापस आओ - लहुँटौ<br />अपना ख्याल रखो - अपन फिकर करौ<br />सुनिए तो - सुनौ तो<br />जल्दी आना - झटकुन आबे<br />तैयार रहना – तियार रहिबे<br />सोच समझ को बोल - देख –सुन के बोल / सोंच बिचार के बोल<br />एक तरफ़ हो जाओ - एके डाहर (कोती या अंग)हो जाबौ<br />बाएँ चलो - डेरी रेंगौ<br />मज़ाक मत करो - ठट्ठा झन करौं<br />जाने दो - जान दव<br />आने दो -आन दव<br />बैठ जाओ – बइठ जावौ<br />ज़रा रुक - थोकन रुक (ठहर या र )<br />सबको बिठाओ - सबो ल बइठावौ<br />आपकी मर्जी - तुँहर मन<br />मेरी सहायता करें - मोर मदद करौ<br />जैसी आपकी मर्जी - जइसन तुँहर मन (मरजी)<br />ज़रा फिर कोशिश करो - थोरकन फेर जोर लगावौ<br />उत्तर दीजिए - जवाब देवौ<br />बैठिए - बइठौ<br />आइए - आवौ<br />पागल मत बनो - बइहा झिन बनौ (झन बइहावौ)<br />मेरे पीछे आओ - मोर पाछू आवौ<br />जगह खाली करो , जगह दो - ठौर दौ, घुँच जावौ<br />अपने काम सेकाम रखो - अपन काम ले काम रखौ<br />यह पैकेट कूरियर से भेज दो - ए पाकिट ला कुरियर मा पठो दौ<br />इसे फ़ैक्स कर दो - ए ला फेक्स कर दौ<br />बाज़ार से गोभी लाना - बजार ले गोभी लानबे<br />समय पर आया - टेम म आयें<br />साहब को सूचना दो - साहब ला खबर करादौ<br />खा-पी के आना - ले खा- पी के आवे<br />चाय ले आओ - चहा लानौ<br />ज़रा हाथ लगाना - थोरकन हाथ लगा<br /><br /><span style="color:#ff6600;"><strong>प्रश्नवाचक वाक्यः (हाँ नाँ उत्तरापेक्षी-‘क्या’)</strong></span><br /><br />क्या तुम अँग्रेजी बोल सकते हो ? – का तैं अँग्रेजी गोठिया लेथस<br />क्या वह झूठ बोलती है ? – का ओ लबारी मारथे<br />क्या आप सच सच बोल रहे हैं ? – का तूँ (तुमन) सच गोठियात हौ<br />क्या हम जाएँ ? - का हमन जान (जायीं)<br />क्या आप बाजार जाएँगे ? – तुमन बजार जाहौ का<br />क्या तुम जानते पहचानते हो ? – तुमन चिनथौ का<br />क्या आप नाराज है ? – तुमन नराज हौ का / रिसाए हौ का<br />क्या आपको घर जाना है ? – तुमन ला घर जाए बर है का<br />क्या टमाटर ताजे हैं ? – टमाटर ताजा है का<br />क्या दूध वाला आ गया ? – पहटिया आ गै का<br />क्या वह आपको जानती है ? – वो तुमन ला जानथै का<br />क्या उसे बुलाऊँ ? – का ओला बलावंव<br />क्या आप कृपा करेंगे ? – का तूँ तुमन किरपा करिहौ<br />क्या मैं सरपंच सेमिल सकता हूँ ? – मैं सरपंच मेर मिल सकथौं का<br />क्या आज रविवार है ? – आज इतवार ए का<br /><strong><br /><span style="color:#ff6600;">प्रश्नवाचक क्या, कौन, कैसे, कहाँ, कबः</span></strong><br /><br />आपक का नाम क्या है ? - तुँहर नाँव का है ?<br />तुम क्या चाहते हौ ? - तोला का होना ? / तैं का चाहथस ? / तो ला का चाही ?<br />तुम क्या कहना चाहते हो ? - तैं का कहना चाहत हस ?<br />रायपुर में क्या करती है ? - ओ हा रापुर मा का करथै ?<br />तुम कौन हो ? - तैं कउन हैं<br />बाजार कौन जाएगा ? - बजार कउन जाही ?<br />किससे मिलना है ? – कउन ला / काकर ले मिलना है ?<br />इस मकान का मालिक कौन है ? - ए मकान के गोसँइया कउन ए / है ?<br />वह आफिस कैसे जाता है ? - ओ आफिस का मा जाथै ?<br />क्या गाँ व में सड़क है ? - का गाँव मा (सड़क) डहर / रद्दा है ?<br />तुम कैसे लौटे ? - तैं कइसे बहुरे (लहुँटे) ?<br />आपके पुत्र की उम्र क्या है ? - तोर बाबू के का उमर है ?<br />यहाँ से गाँव कितनी दूर है ? - इहाँ ले गाँव कतका दुरिहा है ?<br />क्या नहर मैं पानी है ? - का नहर मा पानी है ?<br />फसल कैसी है ? - फसल कइसे है ?<br />आप हमारे यहाँ कब आ रहे हैं ? - तुमन हमर घर कब आवत हौ?<br />तुम कहीँ पढ़ते हो ? - तैं कहाँ पढ़थस ?<br />तुम कहाँ काम करते हो ? - तैं कहाँ काम करथस ?<br />तुम यहाँ क्यों बैठे हो ? - तैं इहाँ काबर बइठे हस ?<br />तुम कहाँ खेलते हो ? - तैं कहाँ खेलथस?<br />आप कब पूजा करते हैं ? – तुमन कब पूजा करथौ ?<br />क्या आप मेरी प्रतीक्षा करेंगे ? - तुमन मोला अगोरिहौ का ?<br />सब को बुलाओ ? - सब झन ला बलावौ ?<br />क्या आपने मुझे बुलाया ? - का तुमन मोला बलायौ ?<br />आपको मुझसे काम है ? - मोर करा कुछ काम है का तुमन ला ?<br />कौन आ रहा है ? - कउन आवत है ?<br />तुम्हारा नंबर क्या है ? - तोर नंबर का है ?<br />मुझ पर कोई विश्वास क्यों नहीं करता ? - मोला कउने काबर नइ पतियावै ?<br />तुम मेरी बात क्यों नहीं सुनते ? - तैं मोर बात ला काबर नइ सुनस ?<br />कल से देरी नही होगी - काली ले देरी नइ होवै<br />आज आँफिस बंद नहीं है - आज आफिस बंद नइ ए<br />आज गर्मी नहीं है - आज गरमी नइ ए<br />हम बचपन को कभी नहीं भूलते - हमन बचपन ला कभू रइ भूलान<br />कल रविवार होगा न - काली इतवार होही ना<br />तुम अँग्रेजी बोल सकते हो न ? - तैं अँग्रेजी गोठिया लेथस ना ?<br />कितना अच्छा मौसम है न ? - कतेक सुग्घर मौसम है ना ?<br />अपने को होशियार समझते हौ - अपन ला चतुर समझथस </span><br /><span style="color:#3333ff;"><br />***********<br /><br /><span style="color:#663333;">काली फेर मुलाकात होही (कल फिर मुलाकात होगी )<br /><br />हाँ जाते- जाते एक गाना सुनते जाइए (जात-जात एक गाना सुनत जावव)<br />यह करमा गीत है (येह करमा गीत आय)<br /></span><br />करमसेनी के आवती, जानी सुनी पार्वती<br />अहो राम घासी घर, लिहे अवतार<br />अहो चौक चंदन पिढ़ली मढ़ाये<br />मिलवा के डार टूटगे, अहो सखी<br />कहाँ जगावो मिलवा डार । अहो राम......<br />झक-झक कर झक झुम्मर, अहो सखि<br />अंगना जगाबो मिलवा डार । अहो राम...<br /><br /><span style="color:#663333;">हिन्दी अनुवाद-</span><br /><br /><span style="color:#663333;">करमसेनी का आना मालूम हुआ । पार्वती ने घसिये के घर अवतार लिया । चौक पूरा गया, पीढ़ा रखा गया और चंदन आदि लगाये गये । मिलवा की डाल टूट गई । अरी सखी डाल चमक रही है, झूम रही है । अरी सखी मिलवा की डाल कहाँ उगाएँगे ? सखी आँगन में डगाल को स्थापित करेंगे । (छत्तीसगढ़ में करमसेनी को ग्राम देवी या लोक देवी माना गया है )<br /><br />राम-राम कल मिलेंगे (राम-राम कल फिर मिलेंगे)<br /><br /></span> </span><br /></span>छत्तीसगढ़http://www.blogger.com/profile/04319601357898309236noreply@blogger.com