<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><?xml-stylesheet href="http://www.blogger.com/styles/atom.css" type="text/css"?><feed xmlns='http://www.w3.org/2005/Atom' xmlns:openSearch='http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/' xmlns:georss='http://www.georss.org/georss' xmlns:gd='http://schemas.google.com/g/2005' xmlns:thr='http://purl.org/syndication/thread/1.0'><id>tag:blogger.com,1999:blog-23831681</id><updated>2011-07-30T11:14:27.240-07:00</updated><title type='text'>छत्तीसगढ़ - छत्तीसगढ़ी - छत्तीसगढ़िया</title><subtitle type='html'></subtitle><link rel='http://schemas.google.com/g/2005#feed' type='application/atom+xml' href='http://chhattisgarhi.blogspot.com/feeds/posts/default'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/23831681/posts/default?max-results=100'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://chhattisgarhi.blogspot.com/'/><link rel='hub' href='http://pubsubhubbub.appspot.com/'/><author><name>छत्तीसगढ़</name><uri>http://www.blogger.com/profile/04319601357898309236</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><generator version='7.00' uri='http://www.blogger.com'>Blogger</generator><openSearch:totalResults>5</openSearch:totalResults><openSearch:startIndex>1</openSearch:startIndex><openSearch:itemsPerPage>100</openSearch:itemsPerPage><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-23831681.post-114452925825138570</id><published>2006-04-08T13:36:00.000-07:00</published><updated>2006-04-08T13:47:38.450-07:00</updated><title type='text'>छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें (चौंथा दिन)</title><content type='html'>&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें ?&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#006600;"&gt;&lt;strong&gt;चौंथा दिन&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#006600;"&gt;(क्रमशः)&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;हिन्दी - छत्तीसगढ़ी&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;वह, यह, मैं, प्रत्येक, कोई, नहीः&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;यह रामू है। – ए हा रामू ए।&lt;br /&gt;वह सीता है। - ओ ह सीता ए।&lt;br /&gt;तुम एक छात्र हो। - तैं एक पढ़इया लइका अस ।&lt;br /&gt;वह एक क्लर्क है। - ओ एक बाबू आय ।&lt;br /&gt;वह गुरुजी है्। -  ओ गुरुजी ए ।&lt;br /&gt;मैं भारतीय हूँ। - मैं भारतीय औं / हौं ।&lt;br /&gt;वे हिंदू हैं । - ओमन हिंदू एँ ।&lt;br /&gt;वह मेरी बकरी है। - ओ मोर छेरी ए ।&lt;br /&gt;यही कलम मेरी है। - इहीच कलम मोर ए ।&lt;br /&gt;ये पुस्तकें मेरी हैं। - इहीच कलम मोर ए ।&lt;br /&gt;यह किताब तुम्हारी है। – ए किताब मोर ए।&lt;br /&gt;यह घर आपका है। - ए घर तोर ए ।&lt;br /&gt;वह आफ़िस है।  - ओ आफिस ए ।&lt;br /&gt;वह क्या है । – ओ का ए ।&lt;br /&gt;वह बैल है। - ओ हा बइला ए ।&lt;br /&gt;भरत हमारा देश है । - भारत हमर देस ए ।&lt;br /&gt;वह कम्प्यूदर है । -ओ कम्प्यूटर ए ।&lt;br /&gt;यह मेरा कैसेट है । - ए मोर केसेट ए ।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;स्थानसूचक समयसूचकः&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुस्तक बाँक्स में है । - किताब पेटी उपर है ।&lt;br /&gt;नोट बाक्स में है । -नोट पेटी म है ।&lt;br /&gt;क्लर्क सीट पर बैठ है । - बाबू कुर्सी मा बइठे हे ।&lt;br /&gt;पिता जी दरवाजे पर खड़े हैं । - ददा ह दुवारी म ठाड़े हे ।&lt;br /&gt;वह घर पर मिलेगा । - ओ हा घर म मिलही ।&lt;br /&gt;स्कूल के चारों तरफ मैदान है । - इस्कूल के चारों मुड़ा भाँठा हे ।&lt;br /&gt;बगीचे में हरे-भरे वृक्ष हैं । - बगीचा म हरियर-हरियर रुख मन हे ।&lt;br /&gt;औरतें तालाब में नहा रही हैं । - माईलोगन तरिया मा नहात हे ।&lt;br /&gt;लोग नदी में नहा रहे हैं । - लोगन नदिया मा नहात हैं ।&lt;br /&gt;वह आफ़िस से बाहर निकला । - ओ आफ़िस ले बाहिर निकलिस ।&lt;br /&gt;इसका अँग्रेजी में अनुवाद करो । - एकर अँग्रेजी म अनुवाद करौ ।&lt;br /&gt;छत्तीसगढ़ भारत के दक्षिणपूर्वी भाग में है । - छत्तीसगढ़ भारत के जेवनी-उत्ती म हे ।&lt;br /&gt;महानदी पर पुल है । - महानदी म पुलिया हे ।&lt;br /&gt;गँगरेल बाँध सबसे बड़ा है । - गँगरेल सबले बड़का बाँध हे।&lt;br /&gt;मैं हाँकी और क्रिकेट खेलता हूँ । - मैं हाकी अउ किरकेट खेलथौं ।&lt;br /&gt;खाली पेट भजन नहीं होता । - भूखे भजन नइ होवै ।&lt;br /&gt;आज 6 तारीख है । - आज छै तारीख हे ।&lt;br /&gt;तुम साढ़े तीन बजे आए । - तैं साढ़े तीन बजे आए ।&lt;br /&gt;दुकान 9 बजे खुलती है । - दुकान नौ बजे खुलथै ।&lt;br /&gt;आँफ़िस 10 बजे खुलता है । - आफिस दस बजे खुलथे।&lt;br /&gt;बाजार रात को बंद रहता है । - बजार रात के बंद रइथै ।&lt;br /&gt;लड़के प्रतिदिन 1 घंटा खेलते हैं । - लइका मन रोज एक घंटा खेलथैं ।&lt;br /&gt;पत्र तीन दिन में मिलेगा । - चिट्ठी तीन दिन मा मिलही ।&lt;br /&gt;वह रायपुर में सन् 90 से है । - औ सन नब्बे ले रायपुरमा है ।&lt;br /&gt;वह कब से आ रहा है । - वो कब ले आवत हे ।&lt;br /&gt;कल मैं भोपाल जाऊँगा ।- मैं काली भोपाल जाहौं ।&lt;br /&gt;मैं सुबह गाय चराने जाता हूँ । - मंय बिहनिया गरुवा चराए बर जाथौं ।&lt;br /&gt;किसान दिन भर खेत में रहता है । - किसान दिन भर खेत मा रहिथै ।&lt;br /&gt;मैं अगले महीने मिलूँगा । - मैं अबइया महीना म मिलिहौं ।&lt;br /&gt;दीवाली कार्तिक में होती हैं । - देवारी कार्तीक म पाहोथै ।&lt;br /&gt;वह अभी नहीं आई है । - ओ  अभी नइ आए हे ।&lt;br /&gt;शो 6 बजे शुरु होता है । -खेल छै बजे चालू होथै ।&lt;br /&gt;रात भर पानी गिरा । - रात भर पानी गिरिस ।&lt;br /&gt;लड़की स्कूल से अनुपस्थित थी । - छोकरी इस्कूल से बाहिर रहीस ।&lt;br /&gt;मेरे पिताजी मेरे साथ थे । - मोर ददा मोर संग रहिस ।&lt;br /&gt;मेरे पिताजी साथ थे । - मोर ददा मोर संग रहिस ।&lt;br /&gt;मेरा अधिकारी मेहरबान है । - मोर साहब मोर उपर खुस हे ।&lt;br /&gt;शीला बहरी है । - सीला भइरी आय ।&lt;br /&gt;अंधा देख नहीं सकता । - अँधरा नइ देखे सकय ।&lt;br /&gt;उसे आम बहुत भाते हैं । - ओला आमा नीक लागथै ।&lt;br /&gt;ध्रूमपान मत करो । - चोंगी-माखुर झन पियौ ।&lt;br /&gt;हम पर भरोसा कर सकते हैं । - हमर उपर भरोसा रख सकत हव ।&lt;br /&gt;मैं जाने ही वाला था । - मैं जबइयाच रहैं ।&lt;br /&gt;वर्फ सड़क पर फैली है । - बरफ रद्दा भर बगरे हे ।&lt;br /&gt;वह मलेरिया से पीड़ित है । - ओ मलेरिया बुखार मा पर कल्हरथै ।&lt;br /&gt;गरम पानी पीओ । - ताता पानी पियौ ।&lt;br /&gt;वह पेट भर खाता है । - ओ हा पेट भर खाथै ।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;कुछ अन्य वाक्यः &lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;रात में कितनी ठंड थी । - रात म कतेक जाड़ रहिस ।&lt;br /&gt;वे बहुत कष्ट पा रहे हैं । - ओ मन गजबे दुख भोगत हैं ।&lt;br /&gt;गरीब का कोई नहीं । - गरीब के कउनो नइ ए ।&lt;br /&gt;चुपचाप रहो । - कलेचुप रहौ ।&lt;br /&gt;कृपया दरवाजा खोलें। - दरवाजा ल खोलौ तौ ।&lt;br /&gt;एक गिलास दूध लीजिए । - एक गिलास दूध लेवौ ।&lt;br /&gt;मैं स्टेशन पर पहुँचा नहीं था। - मैं स्टेशन हबरे नइ पाए रहें ।&lt;br /&gt;और गाड़ी छूट गई। - अउ गाड़ी रेंग दिस ।&lt;br /&gt;सबको एक दिन जाना है । - सबो ला एक दिन जाए बर हे ।&lt;br /&gt;कोटबार मुनादी कर रहा है । - कोटबार हाँका पारत हे ।&lt;br /&gt;रीता रमा से सुंदर है ।- सीता ह रमा ले सुग्घर हे ।&lt;br /&gt;वह माँ-बाप की सेवा करता है । - ओ ह दाई-ददा के सेवा करथे ।&lt;br /&gt;उसके दादा रोज खाने की चीज लाते हैं । - ओकर बबा रोज खजानी लाथै ।&lt;br /&gt;काली गाय आ गयी । - कारी गइया आगय ।&lt;br /&gt;ग्वाला दूध दूहता है । - राउत दूध दुहथै ।&lt;br /&gt;भिंडी पकी है । - रमकेरिया चुरे है ।&lt;br /&gt;वह मेरा दोस्त है । -ओ मोर संगी ए ।&lt;br /&gt;वे कौन हैं ? - ओ मन कउन एँ हैं ?&lt;br /&gt;वह कौन है ? - ओ ह कउन ए ?&lt;br /&gt;वे मेरे मित्र है । - ओ मन मोर मितान एँ ।&lt;br /&gt;वहाँ कौन है ? - ओ मेर कोन हे ?&lt;br /&gt;वह कब आया ? - ओ कब आइस ?&lt;br /&gt;राम कब जाएगा ? - राम कतका जुवार जाही ?&lt;br /&gt;मैं हूँ न । - मैं हौं नां या मंय हंव ना ।&lt;br /&gt;क्या मुझे बुला रहे हैं  ? - का मोला बलावत हैं ?&lt;br /&gt;आज खुशी का दिन है ।-  आज खुसी के दिन हे ।&lt;br /&gt;चार बजे हैं । - चार बजे हे ।&lt;br /&gt;कक्षा में बहुत से लड़के हैं । - क्लास मा अड़बड़ झन लइका हैं ।&lt;br /&gt;मजदूर काम कर रहे हैं । - बनिहार मन कमात हैं ।&lt;br /&gt;मजदूरों को मज़दूरी मिल गई । - बनिहार मन ला रोजी मिलगे ।&lt;br /&gt;पाँच किलो चावल खरीदना है ।- पाँच किलो चाँउर बिसाए बर हे ।&lt;br /&gt;मेरी कमीज कफेद है । - मोर कुरता सफेद हे ।&lt;br /&gt;सुंदर फूल खिले है । - सुग्घर फूल फूले हे ।&lt;br /&gt;हाँ । - हौ या हव या हाँ ।&lt;br /&gt;नहीं । - नइ ।&lt;br /&gt;नहीं जानती । - नइ जानौं ।&lt;br /&gt;कुछ भी नहीं है । - कुछु नइ ए ।&lt;br /&gt;थोड़ा पानी दे। - थोकुन पानी हे या थोरकुन पानी दे ।&lt;br /&gt;बहुत दूध है । - अब्बड़ दूध हे ।&lt;br /&gt;मैंने पढ़ाई छोड़ दी । - मैं पढ़ाई छोड़ दें ।&lt;br /&gt;वह रिटायर हो गया ।  - ओ रिटायर हो गै ।&lt;br /&gt;पटवारी से नक्शा माँगो ।- पटवारी मेर नक्शा माँगौ ।&lt;br /&gt;आज चुनाव है । - आज चुनई है ।&lt;br /&gt;सोच –समझ के वोट देना । – ठोक- बजा के बोट डारबे ।&lt;br /&gt;साहब सेशिकायत करो । -  साहब मेर रिपोट करौ ।&lt;br /&gt;पंप बिगड़ गया है । - बोरिंग बिगड़  गै है ।&lt;br /&gt;पानी को गंदा मत करो । - पानी ला झन मतला।&lt;br /&gt;सड़क-गली को साफ रखें । - खोर-गली ला साफ रखौ ।&lt;br /&gt;आज पंथी नाच देखने जाएँगे । - आज पंथी नाचा देखे बर जाबो ।&lt;br /&gt;सब्जी बहुत मँहगी है । - साग बड़ मँहगी है । &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;span style="color:#993399;"&gt;**********&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#663300;"&gt;आज के लिए बस इतना, कल फिर सीखेंगे ।&lt;/span&gt; &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;(आज बर एतका, काली फेर सीखबोन)&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;span style="color:#663300;"&gt;जाते-जाते एक छत्तीसगढ़ी कविता तो सुनते चलें ।&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;( जात-जात एक ठिन छत्तीसगढ़ी कविता सुनत चलीं )&lt;br /&gt; &lt;br /&gt;&lt;span style="color:#6600cc;"&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;&lt;strong&gt;रतिहा के फूल&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दूरिहा ले&lt;br /&gt;टेसू कस दमकत रहय&lt;br /&gt;तीर ले&lt;br /&gt;निकरय तव&lt;br /&gt;गुलाब कस गमक जाय&lt;br /&gt;चंपा&lt;br /&gt;चमेली&lt;br /&gt;रातरानी&lt;br /&gt;खोखमा&lt;br /&gt;मोंगरा कस&lt;br /&gt;रोज फूलय&lt;br /&gt;परिजात कस&lt;br /&gt;अधरतिहा ले झरत रहय&lt;br /&gt;अब परे हवय&lt;br /&gt;एक कोन्टा म&lt;br /&gt;खोपा के बसियाय फूल कस&lt;br /&gt;अही गति होथे&lt;br /&gt;रतिहा फुलइया फूलन के &lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;---------0------------&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;span style="color:#6600cc;"&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;&lt;strong&gt;रात का फूल&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;दूर से ही टेसू-सी दमकती रहती&lt;br /&gt;किनारे से&lt;br /&gt;गुजरती तो &lt;br /&gt;गुलाब-सी गमक उठती&lt;br /&gt;चंपा&lt;br /&gt;चमेली&lt;br /&gt;रातरानी&lt;br /&gt;कमल&lt;br /&gt;मोंगरे –सी रोज खिलती&lt;br /&gt;पारिजात-सी&lt;br /&gt;आधीरात तक झरती रहती&lt;br /&gt;अब एक कोने में पड़ी हुई है&lt;br /&gt;जूड़े के बासी फूल –सी&lt;br /&gt;यही गति होती है&lt;br /&gt;रात को फूलने वालों फूलों की &lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;---&lt;/span&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;---------------0-----------------&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#00cccc;"&gt;मूल रचनाः&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt; श्री रसिक बिहारी अवधिया&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#00cccc;"&gt;&lt;strong&gt;अनुवादः&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt; जयप्रकाश मानस&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;------------------0-----------------&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/23831681-114452925825138570?l=chhattisgarhi.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://chhattisgarhi.blogspot.com/feeds/114452925825138570/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=23831681&amp;postID=114452925825138570' title='3 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/23831681/posts/default/114452925825138570'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/23831681/posts/default/114452925825138570'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://chhattisgarhi.blogspot.com/2006/04/blog-post.html' title='छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें (चौंथा दिन)'/><author><name>छत्तीसगढ़</name><uri>http://www.blogger.com/profile/04319601357898309236</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>3</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-23831681.post-114348540932305665</id><published>2006-03-27T10:43:00.000-08:00</published><updated>2006-03-27T10:50:09.340-08:00</updated><title type='text'>छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें (तीसरा दिन)</title><content type='html'>&lt;strong&gt;&lt;span style="font-size:130%;color:#ff6600;"&gt;छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें ?&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#009900;"&gt;&lt;strong&gt;तीसरा  दिन &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#009900;"&gt;(क्रमशः)&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;हिन्दी - छत्तीसगढ़ी&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#cc0000;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;strong&gt;वर्तमान काल के कुछ वाक्यः&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;क्या तुम छत्तीसगढ़ी जानते हो – का तैं छत्तीसगढ़ी  जानथस (समझथस )&lt;br /&gt;मैं रायपुर में रहता हूँ - मैं हा रायपुर मा रहिथौं&lt;br /&gt;नहीं, मैं गाँव में रहता हूँ - नइ ,मैं हा गाँव मा रहिथौं&lt;br /&gt;तुम्हारा क्या नाम है - तोर का नाँव हे /आय &lt;br /&gt;मेरा नाम दादू है - मोर नाँव दादू हे&lt;br /&gt;आपके पिताजी का क्या नाम है - तुँहर ददा (सियान) के का नाँव है (हे)&lt;br /&gt;तुम्हारी माँ का क्या नाम है - तोर दाई (महतारी) के का नाँव है&lt;br /&gt;मैं बाज़ार जाती हूँ - मैं हा बजार (हाट) जाथौं,&lt;br /&gt;मेरे पिताजी किसान  हैं - मोर ददा किसान है&lt;br /&gt;तुम मंत्री जी को पत्र लिखते हो - तैं मंत्री जी ला चिट्ठी लिखथस&lt;br /&gt;क्या तुम ने खा लिया  - का तैं खा डारे&lt;br /&gt;अभी मुझ को जाना है - अभी मोला जाए बर है&lt;br /&gt;तुम सुबह से क्या कर रहे हो – तैं बिहिनया ले का करत हस&lt;br /&gt;मैं किताब पढ़ रहा हूँ - मैं किताब पढ़त हंव&lt;br /&gt;हम आफ़िस जा रहे हैं  - हमन आफ़िस जात हन&lt;br /&gt;बच्चे पार्क जा रहे हैं  - लइकामन बगीचा जात हैं&lt;br /&gt;औरतें सब्जी खरीद रही हैं - माई लोगन मन साग बिसावत है (लेवत हैं) &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;भूतकालः-&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt; &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;br /&gt;मैंने नहीं, मेरे भाई ने लिखा - मैं नइ, मोर भाई लिखे है&lt;br /&gt;मैंने नहीं किया - मैं नइ करें हंव&lt;br /&gt;हम बाजार गए थे - हमन बजार गै रहेन&lt;br /&gt;मेरी बहन गा रही थी - मोर बहिनी गावत रहिस&lt;br /&gt;वह अखबार पढ़ रहा था - ओहा अखबार पढ़त रहिस&lt;br /&gt;मैं आँफ़िस नहीं गया था - मैं आफ़िस नइ गै (या गय) रहें&lt;br /&gt;वे बाजार गए थे - ओमन बजार गै रहिन&lt;br /&gt;बच्चे मेला देखने गए थे - लइकामन मेला देखन गे रहिन&lt;br /&gt;मैं दो साल रायपुर मैं था  - मैं दू बछर रायपु म रहें&lt;br /&gt;वह वहाँ गई थी - ओ उहाँ गै रहिस&lt;br /&gt;दुकान बंद है - दुकान बंद है&lt;br /&gt;मैंने कल केला खरीदा था - मैं काली केरा बिसाए रहें&lt;br /&gt;मेरा काम ख़त्म हो गया था - मोर काम सिरा (खतम) गै रहिस&lt;br /&gt;वे खा चुके थे - ओमन खा डारे रहिन &lt;br /&gt;वह फ़िल्म देखने गया था - ओ फ़िलिम देखे बर गै रहिस&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;भविष्यकालः-&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हाँ, मैं आऊँगा - हौ, मैं आहौं&lt;br /&gt;मैं घर पर प्रतीक्षा करूँगा - मैं घर मा अगोरिहौं&lt;br /&gt;राम रायपुर जाएगा - राम रायपुर जाही &lt;br /&gt;मैं कल बिलासपुर पहुँचूंगा - मैं काली बिलासपुर हबरिहौं &lt;br /&gt;वह पहुँच गई होगी  - ओहा हबर गै होही &lt;br /&gt;कल परीक्षा दूँगा - काली परीछ्छा देहौं&lt;br /&gt;हम सो रहे होंगे  - हमन सुतत रहे होबो&lt;br /&gt;आँफ़िस जाने की तैयारी कर रहा होगा -आफ़िस जाए बर तियार होत होही&lt;br /&gt;तुम बाजार जाओगे - तैं बजार जाबे&lt;br /&gt;कल स्कूल की छुट्टी रहेगी - काली स्कूल के छुट्टी रइही &lt;br /&gt;कल मुख्यमंत्री का प्रोग्राम है  - काली मुख्यमंत्री के पोरोगराम हावे &lt;br /&gt;शाम को मीटिंग होगी - संझा बइठका होही&lt;br /&gt;10बजे सब इकट्ठा होंगे  -10 बजे सब्बो झन जुरियाहीं&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;आज्ञा और प्रार्थना के वाक्यः-&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सामने देखो - आगू देखौ&lt;br /&gt;आगे बढ़ो  - आगू बढ़ौ&lt;br /&gt;गाड़ी धीरे चलाओ  - गाड़ी धीरे चलावव&lt;br /&gt;अपना काम करो  - अपन बूता करौ&lt;br /&gt;वापस आओ  - लहुँटौ&lt;br /&gt;अपना ख्याल रखो - अपन फिकर करौ&lt;br /&gt;सुनिए तो - सुनौ तो&lt;br /&gt;जल्दी आना - झटकुन आबे&lt;br /&gt;तैयार रहना – तियार रहिबे&lt;br /&gt;सोच समझ को बोल - देख –सुन के बोल / सोंच बिचार के बोल&lt;br /&gt;एक तरफ़ हो जाओ - एके डाहर (कोती या अंग)हो जाबौ&lt;br /&gt;बाएँ चलो - डेरी रेंगौ&lt;br /&gt;मज़ाक मत करो  - ठट्ठा झन करौं&lt;br /&gt;जाने दो - जान दव&lt;br /&gt;आने दो  -आन दव&lt;br /&gt;बैठ जाओ – बइठ जावौ&lt;br /&gt;ज़रा रुक - थोकन रुक (ठहर या र )&lt;br /&gt;सबको बिठाओ - सबो ल बइठावौ&lt;br /&gt;आपकी मर्जी - तुँहर मन&lt;br /&gt;मेरी सहायता करें  - मोर मदद करौ&lt;br /&gt;जैसी आपकी मर्जी - जइसन तुँहर मन (मरजी)&lt;br /&gt;ज़रा फिर कोशिश करो - थोरकन फेर जोर लगावौ&lt;br /&gt;उत्तर दीजिए  - जवाब देवौ&lt;br /&gt;बैठिए - बइठौ&lt;br /&gt;आइए - आवौ&lt;br /&gt;पागल मत बनो  - बइहा झिन बनौ (झन बइहावौ)&lt;br /&gt;मेरे पीछे आओ - मोर पाछू आवौ&lt;br /&gt;जगह खाली करो , जगह दो - ठौर दौ, घुँच जावौ&lt;br /&gt;अपने काम सेकाम रखो - अपन काम ले काम रखौ&lt;br /&gt;यह पैकेट कूरियर से भेज दो - ए पाकिट ला कुरियर मा पठो दौ&lt;br /&gt;इसे फ़ैक्स कर दो - ए ला फेक्स कर दौ&lt;br /&gt;बाज़ार से गोभी लाना - बजार ले गोभी लानबे&lt;br /&gt;समय पर आया - टेम म आयें&lt;br /&gt;साहब को सूचना दो - साहब ला खबर करादौ&lt;br /&gt;खा-पी के आना - ले खा- पी के आवे&lt;br /&gt;चाय ले आओ - चहा लानौ&lt;br /&gt;ज़रा हाथ लगाना - थोरकन हाथ लगा&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;strong&gt;प्रश्नवाचक वाक्यः (हाँ नाँ उत्तरापेक्षी-‘क्या’)&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;क्या तुम अँग्रेजी बोल सकते हो ? –  का तैं अँग्रेजी गोठिया लेथस&lt;br /&gt;क्या वह झूठ बोलती है ?  –  का ओ लबारी मारथे&lt;br /&gt;क्या आप सच सच बोल रहे हैं ? – का तूँ (तुमन) सच गोठियात हौ&lt;br /&gt;क्या हम जाएँ ? - का हमन जान (जायीं)&lt;br /&gt;क्या आप बाजार जाएँगे ? – तुमन बजार जाहौ का&lt;br /&gt;क्या तुम जानते पहचानते हो ? – तुमन चिनथौ का&lt;br /&gt;क्या आप नाराज है ? – तुमन नराज हौ का / रिसाए हौ का&lt;br /&gt;क्या आपको घर जाना है ? –  तुमन ला घर जाए बर है का&lt;br /&gt;क्या टमाटर ताजे हैं ? –  टमाटर ताजा है का&lt;br /&gt;क्या दूध वाला आ गया ? – पहटिया आ गै का&lt;br /&gt;क्या वह आपको जानती है ? – वो तुमन ला जानथै का&lt;br /&gt;क्या उसे बुलाऊँ ? –  का ओला बलावंव&lt;br /&gt;क्या आप कृपा करेंगे ? – का तूँ तुमन किरपा करिहौ&lt;br /&gt;क्या मैं सरपंच सेमिल सकता हूँ ? – मैं सरपंच मेर मिल सकथौं का&lt;br /&gt;क्या आज रविवार है ? – आज इतवार ए का&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;प्रश्नवाचक क्या, कौन, कैसे, कहाँ, कबः&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आपक का नाम क्या है ? - तुँहर नाँव का है ?&lt;br /&gt;तुम क्या चाहते हौ  ? -  तोला का होना ? / तैं का चाहथस ? / तो ला का चाही ?&lt;br /&gt;तुम क्या कहना चाहते हो ? -  तैं का कहना चाहत हस ?&lt;br /&gt;रायपुर में क्या करती है ? - ओ हा रापुर मा का करथै ?&lt;br /&gt;तुम कौन हो ? - तैं कउन हैं&lt;br /&gt;बाजार कौन जाएगा ? - बजार कउन जाही ?&lt;br /&gt;किससे मिलना है ? – कउन ला / काकर ले मिलना है ?&lt;br /&gt;इस मकान का मालिक कौन है ? - ए मकान के गोसँइया कउन ए / है ?&lt;br /&gt;वह आफिस कैसे जाता है ? - ओ आफिस का मा जाथै ?&lt;br /&gt;क्या गाँ व में सड़क है ? - का गाँव मा (सड़क) डहर / रद्दा है ?&lt;br /&gt;तुम कैसे लौटे ? - तैं कइसे बहुरे (लहुँटे) ?&lt;br /&gt;आपके पुत्र की उम्र क्या है ? - तोर बाबू के का उमर है ?&lt;br /&gt;यहाँ से गाँव कितनी दूर है ? - इहाँ ले गाँव कतका दुरिहा है ?&lt;br /&gt;क्या नहर मैं पानी है ? - का नहर मा पानी है ?&lt;br /&gt;फसल कैसी है ? - फसल कइसे है ?&lt;br /&gt;आप हमारे यहाँ कब आ रहे हैं ? -  तुमन हमर घर कब आवत हौ?&lt;br /&gt;तुम कहीँ पढ़ते हो ? - तैं कहाँ पढ़थस ?&lt;br /&gt;तुम कहाँ काम करते हो ? - तैं कहाँ काम करथस ?&lt;br /&gt;तुम यहाँ क्यों बैठे हो ? - तैं इहाँ काबर बइठे हस ?&lt;br /&gt;तुम कहाँ खेलते हो ? - तैं कहाँ खेलथस?&lt;br /&gt;आप कब पूजा करते हैं ? – तुमन कब पूजा करथौ ?&lt;br /&gt;क्या आप मेरी प्रतीक्षा करेंगे ? - तुमन मोला अगोरिहौ का ?&lt;br /&gt;सब को बुलाओ ? - सब झन ला बलावौ ?&lt;br /&gt;क्या आपने मुझे बुलाया ?  - का तुमन मोला बलायौ ?&lt;br /&gt;आपको मुझसे काम है ? -  मोर करा कुछ काम है का तुमन ला ?&lt;br /&gt;कौन आ रहा है ?  -  कउन आवत है ?&lt;br /&gt;तुम्हारा नंबर क्या है ? -  तोर नंबर का है ?&lt;br /&gt;मुझ पर कोई विश्वास क्यों नहीं करता ?  -  मोला कउने काबर नइ पतियावै ?&lt;br /&gt;तुम मेरी बात क्यों नहीं सुनते ? -  तैं मोर बात ला काबर नइ सुनस ?&lt;br /&gt;कल से देरी नही होगी  - काली ले देरी नइ होवै&lt;br /&gt;आज आँफिस बंद नहीं है - आज आफिस बंद नइ ए&lt;br /&gt;आज गर्मी नहीं है - आज गरमी नइ ए&lt;br /&gt;हम बचपन को कभी नहीं भूलते - हमन बचपन ला कभू रइ भूलान&lt;br /&gt;कल रविवार होगा न  - काली इतवार होही ना&lt;br /&gt;तुम अँग्रेजी बोल सकते हो न ? - तैं अँग्रेजी गोठिया लेथस ना ?&lt;br /&gt;कितना अच्छा मौसम है न ?  - कतेक सुग्घर मौसम है ना ?&lt;br /&gt;अपने को होशियार समझते हौ - अपन ला चतुर समझथस  &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;br /&gt;***********&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#663333;"&gt;काली फेर मुलाकात होही (कल फिर मुलाकात होगी )&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;हाँ जाते- जाते एक गाना सुनते जाइए (जात-जात एक गाना सुनत जावव)&lt;br /&gt;यह करमा गीत है (येह करमा गीत आय)&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;करमसेनी के आवती, जानी सुनी पार्वती&lt;br /&gt;अहो राम घासी घर, लिहे अवतार&lt;br /&gt;अहो चौक चंदन पिढ़ली मढ़ाये&lt;br /&gt;मिलवा के डार टूटगे, अहो सखी&lt;br /&gt;कहाँ जगावो मिलवा डार । अहो राम......&lt;br /&gt;झक-झक कर झक झुम्मर, अहो सखि&lt;br /&gt;अंगना जगाबो मिलवा डार । अहो राम...&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#663333;"&gt;हिन्दी अनुवाद-&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#663333;"&gt;करमसेनी का आना मालूम हुआ । पार्वती ने घसिये के घर अवतार लिया । चौक पूरा गया, पीढ़ा रखा गया और चंदन आदि लगाये गये । मिलवा की डाल टूट गई । अरी सखी डाल चमक रही है, झूम रही है । अरी सखी मिलवा की डाल कहाँ उगाएँगे ? सखी आँगन में डगाल को स्थापित करेंगे । (छत्तीसगढ़ में करमसेनी को ग्राम देवी या लोक देवी माना गया है )&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;राम-राम कल मिलेंगे (राम-राम कल फिर मिलेंगे)&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;/span&gt; &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/23831681-114348540932305665?l=chhattisgarhi.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://chhattisgarhi.blogspot.com/feeds/114348540932305665/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=23831681&amp;postID=114348540932305665' title='3 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/23831681/posts/default/114348540932305665'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/23831681/posts/default/114348540932305665'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://chhattisgarhi.blogspot.com/2006/03/blog-post_27.html' title='छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें (तीसरा दिन)'/><author><name>छत्तीसगढ़</name><uri>http://www.blogger.com/profile/04319601357898309236</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>3</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-23831681.post-114270705061128633</id><published>2006-03-18T10:27:00.000-08:00</published><updated>2006-03-18T10:45:21.820-08:00</updated><title type='text'>छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें (दूसरा दिन)</title><content type='html'>&lt;span style="font-size:130%;color:#ff6600;"&gt;&lt;strong&gt;छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें ?&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="font-size:130%;color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#009900;"&gt;&lt;strong&gt;दूसरा दिन &lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#009900;"&gt;&lt;strong&gt;(क्रमशः)&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;हिन्दी - छत्तीसगढ़ी&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;strong&gt;शिष्टाचार के कुछ वाक्यः&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;ठीक समय पर नहीं आ सका, माफ करें - टेम मा नई आए पाएँ, माफी देहौ&lt;br /&gt;माफ कीजिए, मुझे छोड़ी-सी देर हो गई - देरी हो गै, माफी देहौ&lt;br /&gt;गलती हो गई, मुझे दुःख है - गलती हो गै (चूक हो गै) मोला दुख हे&lt;br /&gt;मुझे क्षमा करें - मोला छिमा करौ&lt;br /&gt;ग़लती से हो गया,अब आगे ऐसा नहीं होगा- अउ आगू अब गलती नइ होवै, माफी देहौ&lt;br /&gt;कुछ कहना (बताना) चाहता हूँ, मौका दें - कुछु कहे-बताए बर है, मौका दौ&lt;br /&gt;ज़रा ध्यान दें, जरा सुनें, ज़रा बोलने दें - थोकुन ध्यान देहौ,सुनौ तो, बोलन दौ&lt;br /&gt;जरा आगे आएँ या बढ़े, छोड़ा चुप रहें - थोकुन आगू बढ़ौ, रैगौ,&lt;br /&gt;जोर से न बोलें - निरया के झन बोलौ या बोलव&lt;br /&gt;इसे अपना ही समझें – येला अपनेच समझव&lt;br /&gt;अपना समझकर उपयोग करें– तुम्हरे च तो आए, अपनेच समझौ अउ बउरौ&lt;br /&gt;क्या मैं अंदर आ सकता हूँ - मैं भीतरी म आवंव&lt;br /&gt;क्या मुझे बैठने दैंगे ? – मैं बैठौं या मोला बइठे बर देहू&lt;br /&gt;क्या मैं बाहर जा सकता हूँ – मैं बाहिर जावौं या मैं बाहिर जावंव का&lt;br /&gt;मैं यही बैठता हूँ – मैं येहींच (इहेंच) बइठथौं&lt;br /&gt;मैं यहाँ खड़ा हूँ - ऐ मेर मंय ठाढ़े हौं&lt;br /&gt;मैं छोड़ी देर रुकता हूँ – मैं थोरकुन ठहरत हौं&lt;br /&gt;वह थोड़ी देर रुक गया – ओ ह थोरकुन बिलम गीस&lt;br /&gt;थोड़ी देर बाद आऊँगा, जाऊँगा, खाऊँगा - मैं थोकुन बिलम के आहौं जाहौं, खाहौं&lt;br /&gt;जैसी आपकी मर्जी – जइसे तुँहर इच्छा&lt;br /&gt;आराम से बैठिए - बने बइठौ न जी&lt;br /&gt;जल्दी-जल्दी मत कर -,सुसता लौ, लकर-लकर झन करौ&lt;br /&gt;आपसे सलाह के लिए धन्यवाद – मिल के बने लागिस, बने बतायौ जी &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;पूरी कोशिश करूँगा / करूँगी - मैं अपने डाहर ले जम्मो उदिम करिहौं&lt;br /&gt;आप ठीक हैं न – तूँ सुग्धर हौ न या तूँ नित्ता तो हौ&lt;br /&gt;भगवान आपका भला करे - भगवान तुँहर भला करै&lt;br /&gt;क्षमा करना, क्षमा माँगता हूँ -माफी देहौ, माफी माँगत हौ&lt;br /&gt;ग़लती हो गई - गलती होगै, चूक होगै&lt;br /&gt;मुझे खेद है (दुःख है) – मोला दुःख हे&lt;br /&gt;साफ़-साफ़ बोलें, जोर से बोले, स्पष्ट कहों - बने फरी-फरी या सफ्फा गोठियावौ&lt;br /&gt;साहब आ गए, आए हैं, - साहेब आइस हे, आए हैं, आइन हैं आगे&lt;br /&gt;साहब न कहा है, बाबू ने बताया है – साहेब कहिस है, बाबू बताइस है&lt;br /&gt;साहब बुला रहे हैं, चपरासी को बुलाओ - साहब बलावत है, चपरासी ला बला&lt;br /&gt;सुनो, पानी ले कर आऔ, साहब ने कहा है - सुन, पानी लान, साहब कहिस है&lt;br /&gt;फाइल लाओ, पेन में स्याही नहीं है -फाइल ल लान, पेन मा सियाही नइ ए&lt;br /&gt;मैं कब से घंटी बजा रहा हूँ - कतेक बेर ले घंटी बजावत हौं&lt;br /&gt;टेलिफोन बज रहा, उठाओ - बड़े साहेब आए है, टेलिफोन बाजत है, उठा&lt;br /&gt;बड़ी गर्मी है – अड़बड़ गरमत हे&lt;br /&gt;ठंड लग रही है या पानी गिर रहा है -जाड़ लागत है /पानी गीरत है&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;strong&gt;भावबोधक-शब्द एवं कथनः&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वाह-वा- वाह-वाह - बने हस बाबू, वाह कमाल कर देस गा&lt;br /&gt;जीतने वालों को शाबाशी दो –जितइया ला सबासी दे न गा&lt;br /&gt;वाह, अहो, कितना सुंदर है –वाह, कतेक सुग्घर हे, बड़ सुग्घर है गा&lt;br /&gt;ओ हो, इतना बड़ा – ओ हो, कतेक बड़ है गा, अरे ददा, कतेक बड़&lt;br /&gt;तुमने तो कमान कर दिया –तैं तो कमाल कर दे&lt;br /&gt;ईश्वर कृपा करें – भगवान तोर बढ़ोतरी करै, भगवान तोर भला करै&lt;br /&gt;भगवान तुम्हारी उन्नति करें - भगवान तोर बढ़ोतरी करै, भगवान तोर भला करै&lt;br /&gt;तुमको भी, आपको भी - तहूँ ला, तुहींच ला&lt;br /&gt;बहुत बढ़िया – अड़बड़सुग्घर, बहुत बढ़िया&lt;br /&gt;बड़ी खुशी का समाचार है – अघात(अड़बड़) खुसी के खबर समाचार है&lt;br /&gt;प्रभु मेरे, दया कर –हे भगवान, दया करबे&lt;br /&gt;आपका स्वागत है - तुँहर स्वागत हे&lt;br /&gt;फटाफट काम करो - लहुआ-लङुआ कमा बाबू&lt;br /&gt;वह जल्दी-जल्दी चलता है - ओह लकर-लकर रेंगथै&lt;br /&gt;जल्दी करो भैया - लहुआ कर भैइया&lt;br /&gt;चुप रहिए, हल्ला मत कीजिए – कलेचुप रहौ जी, हल्ला झन करौ ।&lt;br /&gt;सच /सत्य बोलो - सत्बोलौ, सच बोलौ&lt;br /&gt;झूठ मत बोरो - लबारी झन मारौ&lt;br /&gt;धन्यवाद भाई - धन्यवाद भइया&lt;br /&gt;बार-बार मत खाओ -घेरी-बेरी झन खाऔ&lt;br /&gt;बधाई है आपको - तुँहला बदाई है&lt;br /&gt;कितनीदुःखद बात है -अड़बड़ दुख के बात है&lt;br /&gt;शर्म करो / शर्म नहीं है - शरप कर / तोला लाज नई लागै&lt;br /&gt;आप जो चाहें - जइसे तुँहर मन / मरजी&lt;br /&gt;छिः यह क्या है ? – छि (हाय) एहा काए दाई (ददा) ?&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;छोटे वाक्यांशः&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;मैं अभी जा रहा हूँ - मैं हा जावत हौं&lt;br /&gt;हम तजा रहे हैं - हमन जावत हन&lt;br /&gt;वे जा रहे हैं -ओ मन जावत हैं&lt;br /&gt;बच्चे खेल रहे हैं - लइका मन खेलत हैं&lt;br /&gt;लड़कियाँ पढ़ रही हैं - नोनी मन पढ़त हें&lt;br /&gt;बहुत अच्छा - बने हे गा&lt;br /&gt;बस, रहने दो - भइगे, रहन दै&lt;br /&gt;क्यों नहीं ?- काबर नइ ?&lt;br /&gt;कब आएगा ? - कतका जुवार आही ?&lt;br /&gt;थोड़ा –सा भी नहीं ?-छोरकुन घलो नइ ?&lt;br /&gt;कल मिलेंगे - काली मिलबो या काली मिलबोन&lt;br /&gt;परसों आएँगे - परने दीन आबो ।&lt;br /&gt;बहुत दिने से नहीं देखा - अड़बड़दिन ले नइ देखेहौं&lt;br /&gt;अच्छा, चलते हैं - अच्छा, जात हन चलत हन&lt;br /&gt;आइए - आवौ या आवव&lt;br /&gt;बैठिए - बइठौ या बइठव&lt;br /&gt;बाहर इंतजार करो - बाहिर अगोर&lt;br /&gt;सीधे जाओ - सोझ जा&lt;br /&gt;***************&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आज बर एतका (आज के लिए इतना)&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;काली फेर नवा-नवा बात जानबोन (कल नई-नई बात जानेंगे)&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जात-जात मोला एक ठिन छत्तीसगढ़ी गीत सुरता आगे (जाते-जाते मुझे एक छत्तीसगढी गीत याद आ गया है)&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चली, वोही ला जुरमिल के गायीं (चलिए, उसे सम्मिलित स्वर में गाते हैं)&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मैं बताना चाहूँ वो ह छ.ग. के बड़े गीतकार लक्ष्मण मस्तुरिहा के परसिद्ध गीत आय (मैं बताना चाहूँगा कि वह छत्तीसगढ़ के बड़े प्रसिद्ध गीतकार लक्ष्मण मस्तुरिहा जी का गीत है)&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#cc33cc;"&gt;गीतः&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;span style="color:#339999;"&gt;मोर संग चलव रे, मोर संग चलव जी&lt;br /&gt;वो गिरे थके हपटे मन&lt;br /&gt;अउ परे डरे मनखे मन&lt;br /&gt;मोर संग चलव रे, मोर संग चलव जी&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अमरइया कस जुड़ छाँव में&lt;br /&gt;मोर संग बइठ जुड़ालव&lt;br /&gt;पानी पी लव मैं सागर अंव&lt;br /&gt;दुख पीरा बिसरालव&lt;br /&gt;नवा जोत लव नवा गाँव बर, रस्ता नवा गढ़व रे&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;(मित्रो, यह उनका ऐसा गीत है जिसे सभी छत्तीसगढिया गाते-गुनगुनाते हैं । यह इतना प्रसिद्ध गीत है कि इसे विश्व के कई देशों के रेडियोवाले बजा चुके हैं )&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#333300;"&gt;मित्रो, अब चलते हैं । मेरी पत्नी पूछ रही थी कि इस पाठ से तुम्हें क्या मिलेगा ? क्या आप भी ऐसा समझते हैं कि आत्मसंतोष नहीं मिलेगा मुझे । नहीं ना । तो मैं कल्पना जी से कह देता हूँ कि आप लोग इसका लाभ उठा रहे हैं । हाथ कंगन को आरसी क्या । पढ़े लिखे को फारसी क्या । चलिए, उसके संतोष के लिए एक पत्र ही लिख दीजिए हमें । तो वह भी तल्लीनता के साथ इसे पोस्ट करने में सहयोग किया करेगी ।&lt;br /&gt;पत्र की प्रतीक्षा में । हाँ वही- ई-मेल भाई..........&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;span style="color:#003300;"&gt;&lt;br /&gt;राम-राम भइया मन ।&lt;/span&gt; &lt;/span&gt;&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/23831681-114270705061128633?l=chhattisgarhi.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://chhattisgarhi.blogspot.com/feeds/114270705061128633/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=23831681&amp;postID=114270705061128633' title='2 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/23831681/posts/default/114270705061128633'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/23831681/posts/default/114270705061128633'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://chhattisgarhi.blogspot.com/2006/03/blog-post_18.html' title='छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें (दूसरा दिन)'/><author><name>छत्तीसगढ़</name><uri>http://www.blogger.com/profile/04319601357898309236</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>2</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-23831681.post-114264106408462434</id><published>2006-03-17T16:07:00.000-08:00</published><updated>2006-03-17T16:17:45.933-08:00</updated><title type='text'>छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें (पहला दिन)</title><content type='html'>&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="font-size:130%;color:#ff6600;"&gt;&lt;strong&gt;छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें ?&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="font-size:130%;"&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;छत्तीसगढ़ी बड़ी ही सरल भाषा है । जो हिन्दी बोलना जानता है उसे छत्तीसगढ़ी बोलने, सीखने और लिखने में कोई समस्या नहीं होती है । यदि आपने ठान लिया है कि आप पूर्वी हिन्दी की प्रमुख भाषा ‘छत्तीसगढ़ी’ में रचा-पची संस्कृति, साहित्यिक वैभव को जानना चाहते हैं तो हम आपका स्वागत करते हैं ।  प्रतिदिन मात्र एक घंटा समय देकर आप यह भाषा बोलने, समझने एवं पढने तथा लिखने में पारंगत हो सकते हैं । हम प्रतिदिन एक पाठ पढ़ा करेंगे । देखते ही देखते 15-20 दिन में आप हमसे भी अधिक अच्छा छत्तीसगढ़ी बोलना सीख जायेंगे । यह हमारा विश्वास ही है ।  शुभस्य शीघ्रम् । क्यों न आज जी से हम शुरू कर दें । &lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;     आज हम छत्तीसगढ़ी के महत्वपूर्ण शब्दों से परिचित होते हैं । तो चलिए नाः-&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;                                             &lt;strong&gt;&lt;span style="font-size:130%;"&gt;  &lt;span style="color:#009900;"&gt; पहला दिन&lt;/span&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;span style="font-size:130%;"&gt;&lt;div align="left"&gt;&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;हिन्दी &lt;/span&gt;                              &lt;/span&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;  छत्तीसगढ़ी&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/div&gt;&lt;strong&gt;&lt;/strong&gt;&lt;div align="left"&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;पिता              –                 दादा, सियान, बाबू&lt;br /&gt;माँ                   -                 दाई, महतारी, माँ&lt;br /&gt;दादा               -                 बबा&lt;br /&gt;नाना              -                 बबा ,नाना ,ममा ददा&lt;br /&gt;दादी               –                 बूढ़ीदाई, दादी&lt;br /&gt;नानी              –                 कका&lt;br /&gt;चाची              -                 काकी&lt;br /&gt;ताऊ               -                 बड़ा ददा&lt;br /&gt;मित्रता के आधार पर –    फूल ददा, मितनहा ददा,&lt;br /&gt;                                                     महापरसाद&lt;br /&gt;ताई               –                 बड़े दाई, फूल दाई, मितनहा&lt;br /&gt;एक ही नाम होने पर -                 सहिना ददा, सहिना दाई&lt;br /&gt;मित्र               –                 सहिनाव, संगी&lt;br /&gt;पुत्र                -                 बाबू, बड़े बाबू (लइका)&lt;br /&gt;प्रथम पुत्र           -                 पहिलावत लइका&lt;br /&gt;पुत्री               -                 नोनी, बड़े छोकरी, बड़े नोनी&lt;br /&gt;जेठ               –                 कुरा ससुर, डेर ससुर&lt;br /&gt;देवर               -                 देवर&lt;br /&gt;बड़ा साला          -                 डेर सारा&lt;br /&gt;बड़ी साली          –                 डेर सारी&lt;br /&gt;बुआ               -                 फूफू&lt;br /&gt;बूआ का पति       -                 फूफा&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;अभिवादन :&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;br /&gt;(उम्र में बड़े रिश्तेदार या अन्य) प्रणाम, नमस्कार –            पाँव परत हौं, पा लागी&lt;br /&gt;(बराबरी मित्र) नमस्ते, नमस्कार              –       राम –राम जोहार&lt;br /&gt;(आशीर्वाद )खुश रहो, आयुष्मान, जीते रहो    –  खुसी रहौ, जियत रहौ ,अम्मर रहौ ।&lt;br /&gt;प्रणाम पापा,                             -           बाबूजी-पाँव परत हौं ददा, बाबू&lt;br /&gt;प्रणाम ददा जी                           -        पा लागी ददा&lt;br /&gt;प्रणाम ताऊ जी                        –           पा लागी बड़ ददा&lt;br /&gt;प्रणाम माँ (पुरुष द्वारा)                  -           पा लागी दाई, (माँ)&lt;br /&gt;प्रणाम माँ (स्त्री द्वारा)                   –          पाँव परत हौं दाई&lt;br /&gt;प्रणाम (चाचा, मामा, नाना, अन्य संबंधी)   -   पा लागी कका, ममा, नना,फूफू आदि ।&lt;br /&gt;प्रणाम माँ ,नानी,दादी,चाची, ताई, बुआ, मामी -  पाँर परत हौं दाई, काकी,फूफू,मामी&lt;br /&gt;प्रणाम चाचा जी (एक नाम वाले हों) –          पा लागी सहिना कका ,ददा फूफा&lt;br /&gt;                                          पाँ परत हौं सहिना दाई फूल दाई&lt;br /&gt;प्रणाम नमस्कार मित्र (या नाम से संबोधन) –    राम-राम मितान, राम-राम संगी&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;गैर- संबंधी बुजुर्ग :&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्रणाम (नमस्कार),चाचा जी,दादाजी, भाई साहब -पा लागी कका, ददा,बड़ेददा सियान, भाई&lt;br /&gt;समकक्ष-नमस्कार                –     मित्र राम-राम मितान, संगी, संगवारी&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गुरु, पुजारी, ब्राह्मणः&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्रणाम गुरुजी, सर                -     पा लागी गुरुजी&lt;br /&gt;प्रणाम पंडित जी,महराज -               पालागी महराज, पा लागी बाम्हन देंवता&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;अधिकारी / प्रतिष्ठित वर्ग या अन्य आदरणीय व्यक्तिः&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;साहब राम-राम –                            राम-राम साहेब&lt;br /&gt;राम-राम बाबू जी –                          राम-राम बड़े बाबू&lt;br /&gt;राम-राम साहब –                            राम-राम पंच, रसपंच&lt;br /&gt;या नमस्ते,नमस्कार,साहब –                   राम-राम गुरुजी, राम – राम मितान, राम-राम जँवारा / संगी&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;strong&gt;&lt;br /&gt;आशीर्वाद / आशीर्वचनः&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;खुस रहो / जीते रहो /जीती रहो / बेटा / बेदी    -     खुसी रह / जियत रह बेटा / बेदी&lt;br /&gt;चिरंजीव रहो.-                               अम्मर रह&lt;br /&gt;आयुष्मान-भव –                             मस्त रह&lt;br /&gt;सौभाग्यवती भव-                            तोर चुरी अम्मर रहै&lt;br /&gt;सदा सुहागन रहो –                          एँहवाती रह, तोर सदा देवारी रहै&lt;br /&gt;सामान्य शिष्टाचारः&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;आइए –बाबाजी, काका जी ,वैठिए –             आवौ, आवौ गा, कका ,बबा, सब बने –बने हौ न&lt;br /&gt;आसन ग्रहण करें-                           आवौ बइठो&lt;br /&gt;कैसे हो –सब राजी-खुशी है न –                कइसे हस गा, सब बने-बने हौ न&lt;br /&gt;कैसे हैं ? हमारी याद आती है न&lt;br /&gt;बहुत दिनों बाद दर्शन दिए, क्या बात है ? -              कइसे हौ,हमर सुरता आथे न, अड़बड़ दिन मा आए हौ, का बात हे ?&lt;br /&gt;याद नहीं आती क्या-                         सुरता नई आवय का&lt;br /&gt;आते रहा करें-                              अइसने दया-मया राखौ, आए करौ&lt;br /&gt;बड़ी कृपा की                                बडी किरपा करौ&lt;br /&gt;लाओ पानी-वानी साहब के लिए-                लान रे पानी-वनी साहेब बर&lt;br /&gt;भोजन का समय हो गया, खा के जाइये-         खाय के बेरा हो गै हे,खा-पी के जाहौ&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;आदरसूचकः&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;strong&gt;&lt;/strong&gt;&lt;div align="left"&gt;&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;आप -                                     तुमन, तूँ मन, तूँ&lt;br /&gt;आप बताइए-                               तुमन या तूँ बतावौ&lt;br /&gt;आप ने कहा-                               तुमन कहौ&lt;br /&gt;तुम बैठ जाओ-                              तैं बइठ जा&lt;br /&gt;तुम भाग जाओ-                             तैं भाग जा, तैं हट जा&lt;br /&gt;आप कहें (स्त्री)-                             तुमन कहौ (ओ)&lt;br /&gt;आप कहें (पुरूष)-                            तुमन कहौ जी, गा&lt;br /&gt;आपका क्या नाम है-                         तुँहर का नाव आय&lt;br /&gt;आप कहाँ रहते हैं-                           तुमन केती रहिथव&lt;br /&gt;                                          तुमन कहाँ रहिथौ&lt;br /&gt;मैं क्या मदद कर सकता हूँ-                   मैं तुँहर बर का करे सकत हौं&lt;br /&gt;कृपया संकोच न करें-                        सकुचावौ झन&lt;br /&gt;साफ़-साफ़ बता दें-                           फरी-फरी बता दौ&lt;br /&gt;ठीक है मैं देखूँगा-                            ठीक हे, मैं देखिहंव&lt;br /&gt;आप कल आइए-                            तुमन काली आवौ&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कल हम फिर मिलेंगे पर जाते-जाते मुझे एक पंक्ति याद आ रही है-&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;span style="color:#3333ff;"&gt;&lt;span style="color:#cc9933;"&gt;&lt;strong&gt;राम धरे धनु,     लछिमन   धरे   बान&lt;br /&gt;सीता मइया के खोज में निकर गे हनुमान ।&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;/span&gt;&lt;br /&gt;अब इसका हिन्दी अनुवाद भी तो जानते जाइयेः-&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;राम धनुष धारण किये हुए हैं । लक्ष्मण वाण धारण किये हुए हैं ।&lt;br /&gt;सीता माता का पता लगाने हनुमान निकल पड़े हैं ।&lt;br /&gt;&lt;span style="color:#663300;"&gt;&lt;br /&gt;राम-राम संगी मन ! काली फेर मिलबोन । (मित्रगण नमस्कार, कल फिर मिलेंगे)&lt;br /&gt;हाँ, आज के पाठ में किसी प्रकार की कठिनाई है तो हमें जरूर बतायेंगे ।&lt;/span&gt; &lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div align="left"&gt; &lt;/div&gt;&lt;div align="left"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;प्रस्तुतिः जयप्रकाश मानस&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/23831681-114264106408462434?l=chhattisgarhi.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://chhattisgarhi.blogspot.com/feeds/114264106408462434/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=23831681&amp;postID=114264106408462434' title='7 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/23831681/posts/default/114264106408462434'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/23831681/posts/default/114264106408462434'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://chhattisgarhi.blogspot.com/2006/03/blog-post_17.html' title='छत्तीसगढ़ी बोलना कैसे सीखें (पहला दिन)'/><author><name>छत्तीसगढ़</name><uri>http://www.blogger.com/profile/04319601357898309236</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>7</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-23831681.post-114202332895422196</id><published>2006-03-10T12:32:00.000-08:00</published><updated>2006-03-10T12:50:42.003-08:00</updated><title type='text'>छत्तीसगढ़ी यानी सबले सुग्घर भासा</title><content type='html'>&lt;a href="http://photos1.blogger.com/blogger/4482/2466/1600/chhattisgarh_map.jpg"&gt;&lt;img style="DISPLAY: block; MARGIN: 0px auto 10px; CURSOR: hand; TEXT-ALIGN: center" alt="" src="http://photos1.blogger.com/blogger/4482/2466/320/chhattisgarh_map.jpg" border="0" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;div align="justify"&gt;&lt;span style="color:#ff6600;"&gt;&lt;span style="color:#000000;"&gt;छत्तीसगढ़ हमार देस के सीरिफ राज्य नोहे । येहर हमार अस्मिता घलोक आय । हम भारत के रहोय्या अन । फेर येतका कहेले हमार सब्बो परिचय नइ मिलय । छत्तीसगढ़ी हमार भासा आय । येही हर हमार चिन्हारी के असली चिन्हा आय । येला भूलायन तो सबला भूलायन । छत्तीसगढ़ी अइसन भाखा आय जेन म हम पहिचाने जाथन । हमार सब्बो छत्तीसगढ़ी के कारन थोरकुन अलग हे । जैसे- आचरण । जैसे सोच । जैसे-सोच । जैसे- हमर समझदारी । जैसे- हमर जिनगी ला देखे के तरीका । कहे गे हावय- जाखर जइसन भासा तेखर वइसन आसा । येही आस-विस्वास ह हमन ला सबसे सुग्घर बनाथे अउ मन ले बिनकहे निकलथे-&lt;/span&gt; '&lt;strong&gt;छत्तीसगढ़ियाः सबले बढ़िया&lt;/strong&gt; ।' &lt;span style="color:#000000;"&gt;येमा कोन्हो ला कोइ संखा नइ हे&lt;/span&gt; ।&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/23831681-114202332895422196?l=chhattisgarhi.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://chhattisgarhi.blogspot.com/feeds/114202332895422196/comments/default' title='Post Comments'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://www.blogger.com/comment.g?blogID=23831681&amp;postID=114202332895422196' title='3 Comments'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/23831681/posts/default/114202332895422196'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/23831681/posts/default/114202332895422196'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://chhattisgarhi.blogspot.com/2006/03/blog-post.html' title='छत्तीसगढ़ी यानी सबले सुग्घर भासा'/><author><name>छत्तीसगढ़</name><uri>http://www.blogger.com/profile/04319601357898309236</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='16' height='16' src='http://img2.blogblog.com/img/b16-rounded.gif'/></author><thr:total>3</thr:total></entry></feed>
